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रामायण फोर यूथ (भाग - 1) BACK

प्यारे मित्रों, हमारे दो पौराणिक महाकाव्य, रामायण एवं महाभारत से तो आप सब परिचित ही हैं। इन दोनों ग्रंथों पर सालों पहले बनाए गए धारावाहिकों का दूरदर्शन पर पुनः प्रसारण किया गया और वह भी इस लॉकडाउन के प्रारंभिक दिनों में। जिसका लगभग सभी ने बडे़ चाव से आनंद लिया होगा। लेकिन इन महान कथाओं को सिर्फ मनोरंजन के हेतु से मज़ा लेकर फिर उसे भूल जाने की गलती नहीं करनी चाहिए। इन कथाओं और उनके पात्रों का यदि बारीकी से अभ्यास करें तो पता चलेगा कि ये कथाएँ हमें सही समझ देती हैं कि एक आदर्श जीवन जीने के लिए हमें क्या-क्या करना चाहिए और क्या-क्या नहीं करना चाहिए। साथ ही व्यवहार के उत्कृष्ट गुण जैसे कि आज्ञा में रहना, अधीनता, धैर्य, संयम, प्रेम, भक्ति वगैरह की झलक भी इन ग्रंथों में दिखाई देती है। अक्रम यूथ के इस अंक में, रामायण के महान पात्रों और उनके जीवन के कुछ प्रसंगों को याद करके उनसे प्रेरणा लेकर हम भी एक आदर्श जीवन जीने का ध्येय मजबूत करें। तो चलिए, सब तैयार हैं न??? जय सच्चिदानंद... फिर मिलेंगे, अगले महिने... – डिम्पल मेहता