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रामायण फॉर यूथ (भाग - 3) BACK

मित्रों, क्या आप जानते हो ? संस्कृत भाषा मं २४,००० श्लोंको द्वारा रचित 'रामायण महाकाव्य' की गणना साहित्य जगत्‌ के सबसे बड़े प्राचीन महाकाव्यों मं की जाती है। रामायण की कथा सिर्फ हिन्दू धर्म या आज के भारत देश तक ही सीमित नहीं है बल्कि इन्डोनेशिया, मलेशिया, थाईलेंड, कम्बोडिया, फिलीपींस, वियतनाम वगरह देशों मं भी प्रचलित है। यह कथा समग्र मानव जाति के लिए मार्गदर्शक रहे इस हेतु से वाल्मीकि ऋषि ने आज से हज़ारों वर्ष पहले भारतीय संस्कृति के इस ऐतिहासिक ग्रंथ की रचना की थी। आज भी भारतीय जीवनशली, समाज व्यवस्था एवं पारिवारिक जीवन पर रामायण का बहुत बड़ा प्रभाव है। हरेक आदर्श पति-पत्नी की राम-सीता से, पुत्र की राम से, भाई की लक्ष्मण या भरत से और मित्र की सुग्रीव से तुलना की जाती है। रामायण का हरेक पात्र समाज के लिए आदर्श पात्र है। जैसा कि आप सभी जानते ही हैं कि यह अपने अक्रम यूथ की रामायण श्रणी का तीसरा और आखि़री अंक है। इतने बड़े ग्रंथ का सारांश सिर्फ तीन अंकों मं समा लेने का प्रयास सागर को गागर मं समा लेने जैसा कठि न है। फिर भी इस प्रयास से हमारे पौराणिक ग्रंथ द्वारा युवा भाईयों-बहनों को काफी मदद मिलेगी, इसका हमं दृढ़ विश्वास है। – डिम्पल मेहता