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How to एडजस्ट BACK

जीवन में हर एक अवसर पर यदि हम खुद ही समझदारी से सामने वाले के साथ एडजस्ट नहीं होंगे तो भयानक टकराव होता ही रहेगा। जीवन विषमय हो जाएगा और आखिर में तो जगत् ज़बरदस्ती हमसे एडजस्टमेन्ट करवाएगा ही। इच्छा हो या अनिच्छा, हमें जहाँ-तहाँ एडजस्ट तो होना ही पड़ेगा। तो फिर समझ-बूझकर ही क्यों नहीं एडजस्ट हों ताकि टकराव टाल सकें और सुख-शांति स्थापित हो। इसलिए ‘एडजस्ट एवरीव्हेर’ की ‘मास्टर-की’ लेकर जो मनुष्य जीवन व्यतीत करेगा, उसके जीवन का कोई ताला नहीं खुले, ऐसा नहीं होगा। ज्ञानी पुरुष परम पूज्य दादाश्री का स्वर्णिम सूत्र ‘एडजस्ट एवरीव्हेर’ जीवन में आत्मसात कर लें तो संसार सुखमय हो जाए! - डिम्पल भाई मेहता