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माता पिता के पॉजि़टिव BACK

प्रिय मित्रों, अक्रम यूथ के ‘जनरेशन गप’ नामक अंक को पढ़कर आप सभी ने अपने पेरेन्ट्‌स के साथ संबंधों को ज्यादा मज़बूत बनाने की शुरुआत तो कर ही दी होगी। पेरेन्टे्‌स और बच्चों के रिलेशनशिप को ज्यादा रसीला बनाने के प्रयास को इस अंक मं हम और आग बढ़ाएँग। छोटी-छोटी बातों मं हम अपने मम्मी-पापा पर गुस्सा हो जाते हैं। हमारे दैनिक जीवन मं मम्मी-पापा का कितना बड़ा योगदान है इस ओर हमने कभी ध्यान ही नहीं दिया। हम स्वादिष्ट भोजन कर सकें इसलिए मम्मी दिन मं तीन बार भोजन बनाती हैं। पापा हमारी सारी सुविधाओं का ध्यान रखते हैं। बीमारी के समय निरंतर हाजि़र रहते हैं। उनके इन पॉजि़टिव हिस्से की ओर हमने शायद कभी ध्यान ही नहीं दिया। यह तो एक बात हुई, लेकिन ऐसे तो कई पॉजि़टिव गुण होंग जिस ओर हमारा ध्यान ही नहीं गया। सही बात है न? क्योंकि जाने-अनजाने हम तो उनके नेगटिव गुण देखने मं ही लग रहते हैं। परिणाम स्वरूप एकता टूटती है, दूरियाँ बढ़ती हैं और जनरेशन गप बढ़ता ही रहता है। लेकिन, अब तो हम सभी ने यह द्रढ़ निश्चय किया है कि इस गप को दूर करके ही रहेंग। चलिए, देखें कि मम्मी-पापा के पॉजि़टिव देखने से क्या फायदा होता है और सही समझ द्वारा पॉजि़टिव देखना शुरू करके हमारे जीवन से जनरेशन गप रूपी इस दुषण को बाय-बाय करें। - डिम्पल भाई महता