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प्रायोरिटी BACK

प्रिय पाठक मित्रों, क्या आपको ऐसा लगता है कि आपका जीवन बहुत व्यस्त है? क्या आपको एक साथ बहुत सारे काम याद आ जाते हैं? क्या आपके काम की लिस्ट बढ़ती ही जाती है? क्या ऐसा होता है कि कोई एक काम इतना लंबा खिंचता है कि बाकी के सारे काम एक तरफ रह जाते हैं? या फिर ऐसा लगता है कि ढेर सारे कामों के बीच आपको अपने लिए समय ही नहीं मिल पाता है? क्या काम का बोझ और स्ट्रेस बढ़ता जा रहा है? यदि इनमं से एक भी प्रश्न का जवाब ‘हाँ’ मं है तो आपने एकदम सही टॉपिक वाला मगज़ीन पढ़ने के लिए चुना है। हाँ, प्रायोरिटी! प्रायोरिटी अर्थात्‌ कोई कार्य, बात या जिसे हमं प्राथमिकता या महत्व देना हो। हम सब प्रायोरिटी का अर्थ तो जानते हैं पर अपने जीवन मं प्रायोरिटी कैसे सेट की जाए उसे लेकर हमशा परेशान रहते हैं। बहुत बार हम अपने शौक और इच्छाओं को अधिक महत्व दे देते हैं, जिससे जाने-अनजाने हमारा लक्ष्य एक तरफ रह जाता है, और कभी-कभी हमारे करीबी लोगों को दुःख भी पहुँचा देते हैं। मित्रों, इस अंक में हमें अपने जीवन में प्रायोरिटी सेट करनी क्यों ज़रूरी है? इसके क्या फायदे है? और प्रायोरिटी किस तरह सेट करें इसकी पूरी समझ मिलेगी। - डिम्पल भाई महता