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व्यू पॉइन्ट डिफरन्स BACK

मेरे प्यारे युवा मित्रों, हम सभी युवाओं ने जनरेशन गैप टॉपिक पर आधारित अक्रम यूथ के दो अंकों [जून २०२१-मिट सकती हैं ये दुरियाँ और जुलाई २०२१ - माता पिता के पॉजि़टिव] से सुंदर समझ प्राप्त की, जो हमें दैनिक जीवन में पेरेन्ट्‌स के साथ सही तालमेल रखने में बहुत उपयोगी साबित हो रही है। आप सभी की पॉजि़टिव प्रतिक्रया से प्रेरित होकर ऐसे ही एक उपयोगी विषय यानी ‘व्यू पॉइन्ट डिफरन्स’ को ध्यान में रखकर जनरेशन गप का यह तीसरा अंक प्रस्तुत कर रहे हैं। इस अंक में हम यह जानेंगे कि पेरेन्ट्‌स और यूथ, दोनों जनरेशन के व्यू पॉइन्ट यानी कि दृष्टि बिंदु किस तरह अलग होते हैं और यह कि कैसे थोड़ी सी समझ सेट करके सुंदर समाधान प्राप्त किया जा सकता है। इस समझ रूपी सेतु से आपके और आपके पेरेन्ट्‌स के बीच के जनरेशन गैप के कारण होने वाले विरोध और मतभेद दूर होंगे ऐसी आशा और शुभेच्छा के साथ... जय सच्चिदानंद। - डिम्पल भाई महेता